🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌤️ *दिनांक -04 जुलाई 2024*
🌤️ *दिन - गुरूवार*
🌤️ *विक्रम संवत - 2081 (गुजरात-महाराष्ट्र अनुसार 2080)*
🌤️ *शक संवत -1946*
🌤️ *अयन - दक्षिणायन*
🌤️ *ऋतु - वर्षा ॠतु*
🌤️ *मास - आषाढ (गुजरात-महाराष्ट्र ज्येष्ठ)*
🌤️ *पक्ष - कृष्ण*
🌤️ *तिथि - चतुर्दशी 05 जुलाई प्रातः 04:57 तक तत्पश्चात अमावस्या*
🌤️ *नक्षत्र - मृगशिरा 05 जुलाई रात्रि 03:54 तक तत्पश्चात आर्द्रा*
🌤️ *योग - गण्ड सुबह 07:00 तक तत्पश्चात वृद्धि*
🌤️ *राहुकाल - दोपहर 02:24 से शाम 04:02 तक*
🌞 *सूर्योदय-06:02*
🌤️ *सूर्यास्त- 19:23*
👉 *दिशाशूल - दक्षिण दिशा में*
🚩 *व्रत पर्व विवरण - मासिक शिवरात्रि,चतुर्दशी क्षय तिथि*
💥 *विशेष - चतुर्दशी अमावस्या व व्रत के दिन स्त्री-सहवास तथा तिल का तेल खाना और लगाना निषिद्ध है। (ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-38)*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
🌷 *प्रणव’ (ॐ) की महिमा (चतुर्दशी आर्द्रा नक्षत्र योग : 05 जुलाई 2024 शुक्रवार को प्रात: 03:54 से 04:57 तक*
🙏🏻 *सूतजी ने ऋषियों से कहा : “महर्षियों ! ‘प्र’ नाम है प्रकृति से उत्पन्न संसाररूपी महासागर का | प्रणव इससे पार करने के लिए (नव) नाव है | इसलिए इस ॐकार को ‘प्रणव’ की संज्ञा देते हैं | ॐकार अपना जप करनेवाले साधकों से कहता है – ‘प्र –प्रपंच, न – नहीं है, व: - तुम लोगों के लिए |’ अत: इस भाव को लेकर भी ज्ञानी पुरुष ‘ॐ’ को ‘प्रणव’ नाम से जानते हैं | इसका दूसरा भाव है : ‘प्र – प्रकर्षेण, न – नयेत, व: -युष्मान मोक्षम इति वा प्रणव: | अर्थात यह तुम सब उपासकों को बलपूर्वक मोक्ष तक पहुँचा देगा|’ इस अभिप्राय से भी ऋषि-मुनि इसे ‘प्रणव’ कहते हैं | अपना जप करनेवाले योगियों के तथा अपने मंत्र की पूजा करनेवाले उपासको के समस्त कर्मो का नाश करके यह उन्हें दिव्य नूतन ज्ञान देता है, इसलिए भी इसका नाम प्रणव – प्र (कर्मक्षयपूर्वक) नव (नूतन ज्ञान देनेवाला) है |*
🙏🏻 *इस मायारहित महेश्वर को ही नव अर्थात नूतन कहते हैं | वे परमात्मा प्रधान रूप से नव अर्थात शुद्धस्वरुप है, इसलिए ‘प्रणव’ कहलाते हैं | प्रणव साधक को नव अर्थात नवीन (शिवस्वरूप) कर देता है, इसलिए भी विद्वान पुरुष इसे प्रणव के नाम से जानते हैं अथवा प्र – प्रमुख रूप से नव – दिव्य परमात्म – ज्ञान प्रकट करता है, इसलिए यह प्रणव है |*
🙏🏻 *यध्यपि जीवन्मुक्त के लिए किसी साधन की आवश्यकता नहीं है क्योंकि वह सिद्धरुप है, तथापि दूसरों की दृष्टि में जब तक उसका शरीर रहता है, टीवी तक उसके द्वारा प्रणव – जप की सहज साधना स्वत: होती रहती है | वह अपनी देह का विलय होने तक सूक्ष्म प्रणव मंत्र का जप और उसके अर्थभूत परमात्म-तत्त्व का अनुसंधान करता रहता है | जो अर्थ का अनुसंधान न करके केवल मंत्र का जप करता है, उसे निश्चय ही योग की प्राप्ति होती है | जिसने इस मंत्र का ३६ करोड़ जप कर लिया हो, उसे अवश्य ही योग प्राप्त हो जाता है | ‘अ’ शिव है, ‘उ’ शक्ति है और ‘मकार’ इन दोनों की एकता यह त्रितत्त्वरूप है, ऐसा समझकर ‘ह्रस्व प्रणव’ का जप करना चाहिए | जो अपने समस्त पापों का क्षय करना चाहते हैं, उनके लिए इस ह्रस्व प्रणव का जप अत्यंत आवश्यक है |*
🙏🏻 *वेद के आदि में और दोनों संध्याओं की उपासना के समय भी ॐकार का उच्चारण करना चाहिए | भगवान शिव ने भगवान ब्रम्हाजी और भगवान विष्णु से कहा : “मैंने पूर्वकाल में अपने स्वरूपभूत मंत्र का उपदेश किया है, जो ॐकार के रूप में प्रसिद्ध है | वह महामंगलकारी मंत्र है | सबसे पहले मेरे मुख से ॐकार ( ॐ ) प्रकट हुआ, जो मेरे स्वरूप का बोध करानेवाला है | ॐकार वाचक है और मैं वाच्य हूँ | यह मंत्र मेरा स्वरुप ही है | प्रतिदिन ॐकार का निरंतर स्मरण करने से मेरा ही सदा स्मरण होता है |*
🙏🏻 *मुनीश्वरो ! प्रतिदिन दस हजार प्रणवमंत्र का जप करें अथवा दोनों संध्याओं के समय एक-एक हजार प्रणव का जप किया करें | यह क्रम भी शिवप्रद की प्राप्ति करानेवाला है |*
🙏🏻 *‘ॐ’ इस मंत्र का प्रतिदिन मात्र एक हजार जप करने पर सम्पूर्ण मनोरथों की सिद्धि होती है |*
🙏🏻 *प्रणव के ‘अ’ , ‘उ’ और ‘म’ इन तीनों अक्षरों से जीव और ब्रम्ह की एकता का प्रतिपादन होता है – इस बात को जानकर प्रणव ( ॐ ) का जप करना चाहिए | जपकाल में यह भावना करनी चाहिए कि ‘हम तीनों लोकों की सृष्टि करनेवाले ब्रम्हा, पालन करनेवाले विष्णु तथा संहार करनेवाले रुद्र जो स्वयंप्रकाश चिन्मय हैं, उनकी उपसना करते हैं | यह ब्रम्हस्वरूप ॐकार हमारी कर्मन्द्रियों और ज्ञानेन्द्रियों की वृत्तियों को, मन की वृत्तियों को तथा बुद्धि की वृत्तियों को सदा भोग और मोक्ष प्रदान करनेवाले धर्म एवं ज्ञान की ओर प्रेरित करें | प्रणव के इस अर्थ का बुद्धि के द्वारा चिंतन करता हुआ जो इसका जप करता है, वह निश्चय ही ब्रम्ह को प्राप्त कर लेता है | अथवा अर्थानुसंधान के बिना भी प्रणव का नित्य जप करना चाहिए |* 🙏🏻 *(‘शिव पुराण’ अंतर्गत विद्धेश्वर संहिता से संकलित)*
👉🏻 *भिन्न-भिन्न काल में ‘ॐ’ की महिमा*
➡ *आर्दा नक्षत्र से युक्त चतुर्दशी के योग में (दिनांक 05 जुलाई 2024 शुक्रवार को प्रात: 03:54 से 04:57 तक प्रणव का जप किया जाय तो वह अक्षय फल देनेवाला होता है |*
🙏🏻 *- ऋषि प्रसाद –दिसम्बर 2013 से*
🌞 *~ वैदिक पंचांग ~* 🌞
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आज का राशिफल
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मेष🐐 (चू, चे, चो, ला, ली, लू, ले, लो, अ)
आज का दिन आपके लिए कुछ विशेष नहीं रहेगा। धनाभाव के चलते कुछ कार्य बीच में छोड़ने पड़ेंगे। कार्य व्यवसाय में अपनी तरफ से कोई कमी नहीं रखेंगे फिर भी परिश्रम का उचित फल ना मिलने से निराशा रहेगी। आज किसी भी प्रकार के निवेश से बचें उधारी वापस ना मिलने के कारण चिंता रहेगी। मध्यान के बाद थोड़ा बहुत धन मिलने से दैनिक कार्य चलते रहेंगे। पारिवारिक वातावरण आपके विपरीत व्यवहार के कारण ख़राब होगा घर के सदस्यों की बातों का उल्टा जवाब देने पर वैर विरोध बढ़ेगा। संताने इच्छा पूर्ती ना होने पर निराश रहेंगी। महिलाओं के प्रति भी अनादर का भाव रहेगा।
वृष🐂 (ई, ऊ, ए, ओ, वा, वी, वू, वे, वो)
आज के दिन आशानुकूल धन लाभ ना होने पर भी आप संतोषी वृति रखेंगे। लेकिन आर्थिक कारणों से तकरार अथवा राग द्वेष हो सकता है। आज आप कार्यो के प्रति गंभीर नहीं रहेंगे जिससे सहकर्मियो को असुविधा होगी। परिजनों की बातों को भी आलस्य के कारण टालना कलह का कारण बनेगा। प्रेम-प्रसंगों में उदासीनता रहेगी। आप केवल स्वार्थ सिद्धि हेतु मीठा व्यवहार रखेंगे। सामाजिक क्षेत्र पर सम्मान बना रहेगा। धर्म-कर्म में दिखावे की निष्ठा रहेगी। आज खर्च करने में भी पीछे रहेंगे। संध्या के समय छाती, कमर एवं पैरों सम्बंधित शिकायत रह सकती है। परिजनों के विरोध से बचने के लिये समय पर सुविधा उपलब्ध कराए।
मिथुन👫 (का, की, कू, घ, ङ, छ, के, को, हा)
आज का दिन पिछले कुछ दिनों की अपेक्षा दिनचर्या में सुधार लाएगा। फिर भी व्यर्थ की भागदौड़ लगी रहेगी। सरकारी कार्यो में समय और धन नष्ट करके पर भी आशाजनक परिणाम नहीं मिलेगा। कार्य व्यवसाय में आज अधिक ध्यान नहीं दे पाएंगे लेकिन व्यवस्था भंग नहीं होगी लाभ आशानुकूल नहीं रहेगा फिर भी दैनिक खर्च पूरे कर ही लेंगे। आकस्मिक यात्रा के योग बनेंगे अगर संभव हो तो टालना ही बेहतर रहेगा। संध्या के समय शारीरिक दर्द एवं उदर सम्बंधित व्याधि रहेंगी स्वास्थ्य का ध्यान रखे आराम समय पर करें। घर के बुजुर्ग किसी कारण से नाराज हो सकते है। संताने उद्दण्ड व्यवहार करेंगी।
कर्क🦀 (ही, हू, हे, हो, डा, डी, डू, डे, डो)
आज के दिन आपकी दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी घर एवं व्यावसायिक क्षेत्र पर कामो की भरमार रहने के कारण शरीर की अनदेखी करेंगे। ठीक से आराम ना मिलने के कारण स्वभाव में चिड़चिड़ापन एवं अकारण क्रोध आएगा। परिवार में आज भी गलतफहमियों के कारण कलह के प्रसंग बन सकते है अनैतिक गतिविधियों विशेष कर महिलाओं से सम्बन्ध में स्पष्टता एवं दूरी बना कर रखें अन्यथा इसके निकट भविष्य में गंभीर परिणाम भुगतने पड़ेंगे। व्यवसाय में नौकरों अथवा स्वयं की लापरवाही से आकस्मिक हानि हो सकती है। सामाजिक स्थल के कार्यो में जाने से बचें धन के साथ मान हानि के योग है।
सिंह🦁 (मा, मी, मू, मे, मो, टा, टी, टू, टे)
आज का दिन कार्य व्यवसाय के लिए बेहतर सिद्ध होगा परन्तु स्वास्थ्य सम्बंधित शिकायते बाधक बन सकती है समय रहते शारीरिक परिक्षण कराये अन्यथा स्थिति गंभीर भी हो सकती है। दिन के पहले हिस्से में परिश्रम अधिक रहेगा एवं लाभ न्यून परन्तु अंतिम भाग में परिश्रम का फल धन लाभ के रूप में अवश्य मिलेगा। नए कार्य का आरम्भ अभी कुछ दिन टालें। महिलाये घरेलु कार्य में उलझी रहेगी फिर भी दाम्पत्य जीवन में शान्ति बनाये रखने में मददगार बनेगी। घर के बुजुर्गो से आकस्मिक लाभ हो सकता है। परन्तु खर्च भी बराबर लगे रहेंगे। विद्यार्थियों को परिश्रम का उचित फल मिलेगा।
कन्या👩 (टो, पा, पी, पू, ष, ण, ठ, पे, पो)
आपका आज का दिन सुख-शांति से व्यतीत होगा। दिनचर्या व्यवस्थित रहेगी सामाजिक व्यवहारों के कारण भाग-दौड़ करनी पड़ेगी। स्वास्थ्य उत्तम बना रहेगा लोगो को आज आपकी सहायता की आवश्यकता पड़ेगी। घर एवं बाहर सभी जगह आपका दबदबा रहेगा। कार्य क्षेत्र पर प्रतिस्पर्धिओ पर विजय प्राप्त करेंगे विरोधियो को आज पनपने ही नहीं देंगे। जिस भी कार्य में निवेश करेंगे उसमे थोड़े विलम्ब से ही पर सफलता निश्चित मिलेगी। पूजा पाठ में सम्मिलित होने के अवसर आएंगे। घर का वातावरण भी मंगलकारी रहेगा। स्त्रीवर्ग आध्यत्म में डूबी रहेंगी। धन लाभ के साथ साथ खर्च भी लगे रहेंगे।
तुला⚖️ (रा, री, रू, रे, रो, ता, ती, तू, ते)
आज का दिन राहत देने वाला रहेगा। कुछ समय से चल रही परेशानियों में कमी आएगी। स्वास्थ्य पेट सम्बंधित समस्याओं को छोड़ ठीक रहेगा लापरवाही के कारण अन्य रोग होने की संभावना है। कार्य क्षेत्र पर माहौल खुशनुमा रहेगा आपके विचार सहकर्मियो को प्रभावित करेंगे। नौकरीपेशा जातको को भी अतिरिक्त आय के साधन बनेंगे। व्यवसायी वर्ग अपने कार्यो से संतुष्ट रहेंगे बीच में धन की आमद होने से खर्च चलते रहेंगे। धार्मिक कार्यो में रूचि रहेगी दान-पुण्य के अवसर मिलेंगे। महिला वर्ग भी आज पारिवारिक वातावरण से प्रसन्न रहेंगी।
वृश्चिक🦂 (तो, ना, नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
आज का दिन आपकी कल्पनाओं को साकार करने वाला रहेगा। नौकरी व्यवसाय में मन इच्छित परिस्थितियां मिलने पर जम कर लाभ उठाएंगे लेकिन आपके किसी निर्णय से सहयोगियो को कष्ट पहुँच सकता है। धन कमाने की लालसा के आगे सम्बन्धो को अधिक महत्त्व नहीं देंगे परिवार के लिए भी कम समय निकाल पाएंगे। नौकरी पेशा जातको को सहकर्मियो का विशेष सहयोग मिलने से परेशानी दूर होगी। व्यापारी वर्ग में लोभ की भावना अधिक रहेगी। शेयर सट्टे आधी जोखिम वाले कार्यो से निश्चित धन वृद्धि होगी। संध्या का समय थकान वाला।रहेगा ससुराल पक्ष से शुभ समाचार मिलेगा। गृहस्थ में शांति रहेगी।
धनु🏹 (ये, यो, भा, भी, भू, ध, फा, ढा, भे)
आर्थिक दृष्टिकोण से आज का दिन भी शुभ रहेगा। कार्य व्यवसाय से कम समय में अधिक धन लाभ प्राप्त कर सकेंगे। सोची हुई योजनाएं फलीभूत होने से मानसिक रूप से प्रसन्न रहेंगे। पुराने मित्र अथवा संबंधियों से आनंददायक भेंट होगी। आज किसी पुरानी घटना के ताजा होने से आत्मग्लानि एवं मानसिक दुःख के प्रसंग भी बन सकते है। मध्यान पश्चात महिलाये थकान के कारण आराम के मूड में रहेंगी घर में थोड़ी अव्यवस्था भी रह सकती है। दैनिक कार्यो से समय निकाल कर परिजनों के साथ हास-परिहास के अवसर मिलेंगे। आज के दिन आप जो भी निर्णय लेंगे निकट भविष्य में उसका शुभ परिणाम देखने को मिलेगा।
मकर🐊 (भो, जा, जी, खी, खू, खा, खो, गा, गी)
आपका आज का दिन मिश्रित फलदायी रहेगा। आज ना चाहकर भी क्रोध के प्रसंग बनेंगे। स्वभाव में भी अहम् की भावना रहने से लोग आपसे दूरी बना सकते है। व्यवसाय सामान्य चलते हुए एकाएक ठप्प हो सकता है। प्रतिस्पर्धियों के प्रति ईर्ष्या की भावना रहने से स्वयं की प्रगति में बाधा आएगी। कार्य क्षेत्र पर स्थिति सामान्य रखने के लिए व्यवहार कुशलता से काम निकालना पड़ेगा पारिवारिकजन को भी साथलेकर चलें शांति बनी रहेगी अन्यथा आपकी आदतों से तंग आकर परिजन कठोर कदम उठा सकते है जिससे दिनचर्या में असहजता बनेगी। सन्तानो से मतभेद रहेगा। धर्म-कर्म में कम रूचि रहेगी।
कुंभ🍯 (गू, गे, गो, सा, सी, सू, से, सो, दा)
आज भी दिन का पूर्वार्ध दुविधा में बीतेगा आवश्यक कार्यो में सहकर्मियो एवं परिजनों से वैचारिक मतभेद रहने के कारण असमंजस की स्थिति बनेगी फलस्वरूप कार्य में विलम्ब होगा। परन्तु दोपहर के बाद स्थिति सामान्य होने लगेगी आप सुनेंगे सबकी करेंगे अपने ही मन की जिससे मानसिक बोझ कम होगा व्यवसाय से भी आकस्मिक धन लाभ होगा उधारी के पैसे वसूल कर पाएंगे। महिलाये आज धन लाभ होने अथवा मनचाही वस्तु मिलने से प्रसन्न रहेंगी। सरकारी कर्मचारियो को भी आकस्मिक लाभ उत्साहित करेगा लेकिन आलसी वृति के कारण आलोचना हो सकती है। दाम्पत्य में मधुरता बनी रहेगी।
मीन🐳 (दी, दू, थ, झ, ञ, दे, दो, चा, ची)
आज के दिन आप बोलचाल में विशेष सावधानी बरतें अधिक बोलने की प्रवृति सामाजिक एवं व्यापारिक क्षेत्र पर हानि करा सकती है। सेहत मामूली बातों को छोड़ सामान्य रहेगी। आत्मविश्वास से भरे रहेंगे परंतु अतिश्योक्ति ना हो इसका भी ध्यान रखें। कार्य क्षेत्र पर निर्णय लेने में जल्दबाजी ना दिखाये धैर्य का परिचय दें आज धन लाभ के योग बन रहे है। पारिवारिक वातावरण सामान्य रहेगा आपकी बचकानी हरकतों से हास्य का माहौल बनाएंगे। परिजन आपकी बातों को सम्मान देंगे। महिलाये आज भावनाओ को समझेंगी प्रत्येक क्षेत्र पर सहयोगी रहेंगी।
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